
आह जिन्दगी !!
तू क्यूँ बदल जाती है? एक पल में!
वो था मेरे साथ यही कही! मिलकर गाते थे यही कही!! क्यूँकर समझे दुनिया प्रेम!!! बिछुड़ मरते प्रेमी !
एक पल में 

अभी तो खिला था यह़ी
कही 
खुसबू थी उसकी यही कही!!
क्यूँ कर बन गया धुल का फूल!!!
चमन का फूल!
एक पल में निकला था आसमान में यही कही!
चमका था अभी यही कही!!
क्यूँकर छूटा वो प्यारा!!!
असमान का तारा!
एक पल में
आह जिन्दगी !!!!तू क्यूँ बदल जाती है?एक पल में
मुससल सफ़र में रहती है जिन्दगी !जड़ कुछ पल के लिए हो भी जाये!!थकान बहुत हो भी जाये 11 ठहर मत ! क्यूंकि रुकती नही जिन्दगी!!धुएं सी उठती है कभी १कभी धुल सी है जिन्दगी!!जब टटोला गहराई से इसे मैंने१ जलती हुए आग मिली जिन्दगी!! मौसम हजार तलख बदले१गरजते हुए बदल है जिन्दगी!! काली घटा सी लगती है कभी१ तो कभी सावन सा बरसती जिन्दगी!! टकरा जाये जो पथरो से१कभी फलती नदी है जिन्दगी!! दे जाये कुछ निसा साहिल को १वो बहती लहर है जिन्दगी!!जाग इस अँधेरी रात से१ सुबह सी धुप है जिन्दगी!!देख जरा गहरी अपनी आँखों में१ मचलता हुआ ख़वाब है जिन्दगी!!पतझड़ के आने से जो सुख गया१ वही महकता हुआ अब बाग है जिन्दगी!!जरा देख अपनी नजरो से इसे१खिलता हुआ एक फूल है जिन्दगी!!बैठ किनारे क्या तू सोचे१बहता हुआ पानी है जिन्दगी!!उठ! उठ और चल१आने वाला कल है जिन्दगी!!

माँ ऐसी होती है ! दामन अपना करके गिला हमें सूखे मे सुलाती है माँ ऐसी होती है ! पेट बेसक हो भूखा, हमें सिने से लगाती है माँ ऐसी होती है ! हल्क रहे शुख बेसक, हमें आँखों से पिलाती है
माँ ऐसी होती है ! मांगे ना कुछ भी अपने लिए,हमारे लिया दीया रोज जलाती है
माँ ऐसी होती है ! पाव मे कितने भी हो छाले,हमें गोद में घुमाती है माँ ऐसी होती है ! रोज खाए वक़्त के थपेड़े,हमारे लिया ज़माने से लड़ जाती है
माँ ऐसी होती है ! काली शुरख हो जाये आंखे,हमारे लिया सपने रोज सजाती है माँ ऐसी होती है ! बलांये लेती अपने सिर रोज,हमारे लिया जन्म सों-सों लुटाती है माँ ऐसी होती है !