
मुससल सफ़र में रहती है जिन्दगी !
जड़ कुछ पल के लिए हो भी जाये!!
थकान बहुत हो भी जाये 11
ठहर मत ! क्यूंकि रुकती नही जिन्दगी!!
धुएं सी उठती है कभी १
कभी धुल सी है जिन्दगी!!
जब टटोला गहराई से इसे मैंने१
जलती हुए आग मिली जिन्दगी!!
मौसम हजार तलख बदले१
गरजते हुए बदल है जिन्दगी!!
काली घटा सी लगती है कभी१
तो कभी सावन सा बरसती जिन्दगी!!
टकरा जाये जो पथरो से१
कभी फलती नदी है जिन्दगी!!
दे जाये कुछ निसा साहिल को १
वो बहती लहर है जिन्दगी!!
जाग इस अँधेरी रात से१
सुबह सी धुप है जिन्दगी!!
देख जरा गहरी अपनी आँखों में१
मचलता हुआ ख़वाब है जिन्दगी!!
पतझड़ के आने से जो सुख गया१
वही महकता हुआ अब बाग है जिन्दगी!!
जरा देख अपनी नजरो से इसे१
खिलता हुआ एक फूल है जिन्दगी!!
बैठ किनारे क्या तू सोचे१
बहता हुआ पानी है जिन्दगी!!
उठ! उठ और चल१
आने वाला कल है जिन्दगी!!

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